अजमेर में जैमर लगने के बाद मोबाइल मिलने की यह तीसरी घटना
Last Updated  07:19 AM [15/01/2016]

सेन्ट्रल जेल, अजमेर में बंदियों की बैरक में मोबाइल मिलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। पिछले दिनों बैरक में मोबाइल मिलने के मामले में जेल प्रशासन ने सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने दो बंदियों के खिलाफ प्रकरण जकर जांच शुरू कर दी हैथानाप्रभारी हनुमानाराम विश्वोई ने बताया कि जेल अधीक्षक संजय यादव ने रिपोर्ट दी कि 12 जनवरी को जेल में बैरक की तलाशी के दौरान वार्ड 10 के बैरक नम्बर 3 में जेल प्रहरी को मोबाइल मिला। साथ में सिमकार्ड, बैट्री और चार्जर भी था, जबकि बैरक में बंदी बाबूलाल पुत्र हरचन्द व गुमन पुत्र गोपाल थे। पुलिस ने बाबूलाल, गुमान के खिलाफ कारागृह अधीनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस बाबूलाल और गुमान को मोबाइल के संबंध में पूछताछ के लिए थाने लेकर आएगी।

डेढ़ माह में तीसरी घटना-सेन्ट्रल जेल, अजमेर में जैमर लगने के बाद मोबाइल मिलने की यह तीसरी घटना है। गौरतलब है कि दिसम्बर में जैमर शुरू होने के बाद से लगातार बंदियों के बैरक में तलाशी के दौरान मोबाइल मिलने की घटनाएं पेश आ रही है। जेल प्रशासन की मुताबिक जैमर लगने के बाद मोबाइल बंदियों के लिए काम के नहीं रहे।

सीडीआर से होगा खुलासा-पुलिस बरामद मोबाइल और उसके सिमकार्ड की सीडीआर (कॉल डीटेल रिकॉर्ड) निकलवाएगी। वहीं सिमकार्ड किसके नाम से जारी हुआ है। सिमकार्ड से किन-किन नम्बरों पर बातचीत हुई है? जेल के बाहर कौन-कौन लोग बंदियों के सम्पर्क में था आदि सवालों के जवाब पुलिस तलाशने में जुटी है।

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