बेंगलूरु के गविपुरम में भी भगवान भोलेनाथ का एक प्राचीन मंदिर
Last Updated  10:54 AM [16/01/2016]
भारत में भगवान शिव के कई प्राचीन मंदिर हैं जो अपने इतिहास और अनूठी परंपराओं से जाने जाते हैं। बेंगलूरु के गविपुरम में भी भगवान भोलेनाथ का एक प्राचीन मंदिर है। इसे प्राचीन गवि गंगाधरेश्वर मंदिर कहा जाता है।
यहां हर साल मकर संक्रांति के दिन एक विशेष नजारा दिखाई देता है जिसे देखने के लिए देश-विदेश के अनेक शिवभक्त यहां भोलेनाथ के द्वार पर आते हैं।कहा जाता है कि यहां सूर्यदेव की किरणें भगवान शिव को तिलक करती हैं। वास्तव में जब सूर्यदेव मकर संक्रांति के दिन उत्तरायण में आते हैं तो अपनी पवित्र और तेजयुक्त किरणों से भगवान शिव का अभिनंदन करते हैं।यह नजारा प्रतिवर्ष दिखाई देता है और जब मकर संक्रांति के दिन शाम को सूर्य रश्मियां इस तरह गिरती हैं मानो वे शिवलिंग का तिलक कर रही हों। इस अनूठे दृश्य में उल्लेखनीय यह है कि सूर्य रश्मियां मंडप और गुफा की दो खिड़कियों से आती हैं और नंदी के सींगों के मध्य से गुजरते हुए शिवलिंग का तिलक करती हैं।यह दुर्लभ नजारा वर्ष में एक बार यानी मकर संक्रांति के दिन ही दिखाई देता है। इस अनूठे नजारे के दर्शन के लिए मकर संक्रांति के दिन शिवभक्तों की अपार भीड़ जुटती है। इस बार 15 जनवरी को जब सूर्य की किरणें शिवलिंग पर पड़ीं तो मंदिर परिसर देवाधिदेव महादेव के जयकारों से गूंज उठा।

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