राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) सख्ती की तैयारी में है।
Last Updated  08:11 AM [15/01/2016]

मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के नियमों की पालना में राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) सख्ती की तैयारी में है। नियमों के तहत अब पीजी स्टूडेंट्स को परीक्षा से पहले थिसिस तैयार करनी होगी।

सिर्फ तैयार ही नहीं, वरन इसकी जांच के बाद ही परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। थिसिस भी पूर्व में तो स्थानीय स्तर पर ही जांच ली जाती थी, लेकिन अब तीन विशेषज्ञ जांचेंगे। इसमें एक इंटरनल और दो एक्सटर्नल होंगे। दोनों एक्सटर्नल राज्य के बाहर के होंगे।गुरुवार को मेडिकल कॉलेज में हुई मेडिकल कौंसिल की बैठक में प्राचार्य डॉ.गिरीश वर्मा ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को इसकी जानकारी दी। डॉ.वर्मा ने कहा कि इसके लिए थिसिस परीक्षा से करीब छह माह पहले जमा भी करवानी होगी।अब तक थिसिस की जांच परीक्षा से पहले होने की बाध्यता नहीं थी। परीक्षा के साथ दी जा सकती थी। इसके अलावा स्थानीय विशेषज्ञ ही जांचते थे तो स्टूडेंट्स के काम को भी देखा जाता था।बीच सत्र में नियम, स्टूडेंट्स परेशानी में विश्वविद्यालय द्वारा ये नियम लागू करने के साथ ही पीजी स्टूडेंट्स परेशान हो गए हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि पढ़ाई के साथ-साथ अस्पताल में पूरा समय देना पड़ता है। इमरजेंसी में भी ड्यूटी होती है, ऐसे में थिसिस पूरी करने का समय नहीं मिलता पहले तो परीक्षा के दौरान तैयार करके दे देते थे। अब छह महीने पहले थिसिस देना चुनौती होगा। स्टूडेंट्स ने बताया कि थिसिस प्रदेश के बाहर जांच के लिए भेजी जाएगी। ऐसे में थिसिस को निरस्त करने, करेक्शन करवाने तथा नम्बर कम देने के मामले बढ़ जाएंगे।विश्वविद्यालय यह नियम बीच सत्र में लागू कर रहा है। नियम सत्र की शुुरुआत से लागू किए जाते तो अब तक आधा काम कर लिया जाता।

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