भारत-पाकिस्तान की सरकारें एक दूसरे से संबंध सुधारने की कोशिश कर रही हैं।
Last Updated  12:10 PM [14/01/2016]

भारत-पाकिस्तान की सरकारें एक दूसरे से संबंध सुधारने की कोशिश कर रही हैं। इस क्रम में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक लाहौर दौरा करके सबको चौंका दिया था। लाहौर वे नवाज के परिवार की एक शादी में शिरकत करने गए थे।

उसके बाद दोनों देशों के बीच सचिव स्तर की वार्ता का फैसला किया गया था। वार्ता के लिए 15 जनवरी का दिन तय किया गया, लेकिन गुरुवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों द्वारा इस वार्ता को टाल दिया गया। अब सवाल यह पैदा होता है कि वार्ता टालने के पीछे दोनों देशों का क्या मकसद है ?गुरुवार को पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीलुल्लाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वार्ता को टालने की बात कही। उसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने शाम को इसकी पुष्टि की। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देशों ने आम सहमति से इस वार्ता को टालने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी एक देश द्वारा नहीं लिया गया। जब उनसे एक रिपोर्टर द्वारा यह पूछा गया कि आखिर इस वार्ता को क्यों टाला गया तो उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों ने आपस में तय किया है। वार्ता को लेकर हो सकता है कि और ज्यादा तैयारी की जरूरत हो। दोनों देशों को अभी वार्ता को लेकर और ज्यादा काम करने की जरूरत महसूस होने यह फैसला लिया है। इसके साथ ही कहा कि अब दोनों देशों के सचिव वार्ता के लिए अगली तारीख तय करेंगे।साथ ही भारत ने पठानकोट मामले को लेकर पाकिस्तान सरकार द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि हम लोग पठानकोट हमले की जांच में पाक द्वार उठाए गए सकारात्मक कदमों का स्वागत करते हैं। हालांकि, स्वरूप ने जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर की गिरफ्तार को लेकर उनके पास कोई जानकारी नहीं है।

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